तेरी आँखों मे आज कल कोइ नया नूर
रहता है,
ना जाने किस फ़िराक मे तेरा दिल
रहता है,
प्यार जब हुआ तब हम दोनो के दिल
एक थे,
बेवफ़ाई कोइ करे और देखो कौन
सहता है,
मीलों चल कर रास्ते से वापिस
लौट आत1 है,
ना जाने वो किसके इंतज़ार मे
रहता है,
शमां को जलाने कि ज़रूरत नहीं
{गरीब} को,
ये दिल उसकी यादों मे तो जलता
ही रहता है,
कुरेदने कि ज़रुरत नहीं पडती कभी
नासूर को,
ये बात दिल का एक घाव दूसरे घाव
से कहता है,
रौशनी नहीं मिलने वालि तुझे इस
अन्धकार में,
दीप से दीप जलेगा, पगले तू किस
युग मे रहता है,
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राजन {गरीब}
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